हमारे बारे में

सत्य वचन’ क्यों है?

हमारी कलीसिया का नाम 'सत्य वचन' "सत्य वचन" इसलिए नहीं है क्योंकि हम दावा करते हैं कि केवल हमारी ही कलीसिया सच्ची है या हम ही अकेले सच्चाई को जानते हैं या सिखाते हैं, या फिर केवल हम ही सत्य बोलते हैं।

लेकिन ऐसा इसलिए है क्योंकि हम चाहते हैं कि हमारी कलीसिया परमेश्वर के वचन अर्थात बाइबल पर आधारित हो, जो कि सत्य है।
हम ऐसी कलीसिया बनने की इच्छा रखते हैं जो बाइबल का प्रचार करती है, बाइबल के आधार पर जीवन व्यतीत करती है, और बाइबल के अनुसार आराधना करती है, जो कि परमेश्वर का एकमात्र सच्चा वचन है अर्थात सत्य वचन।

हम कौन हैं?

हम प्रभु यीशु मसीह में विश्वास करने वाले तथा बपतिस्मा पाए हुए विश्वासियों का समूह हैं जिन्होंने एक दूसरे से वाचा बान्धी है नियमित रूप से प्रभु यीशु मसीह की आराधना करने, परमेश्वर के वचन का प्रचार सुनने, कलीसिया की विधियों में हिस्सा लेने (बपतिस्मा एवं प्रभु-भोज) और एक-दूसरे के साथ संगति करने के लिए।

क्रूस पर प्रभु यीशु मसीह के किए गए कार्य के कारण हम एक परिवार हैं। यद्यपि हम हिन्दी भाषा में आराधना करते हैं, हम विभिन्न पृष्ठ-भूमि, भिन्न उम्र, देश के विभिन्न क्षेत्रों से तथा भिन्न भाषाओं से हैं। इन सब भिन्नताओं के होते हुए भी, हम एक परिवार हैं।

हम एक प्रोटेस्टेंट कलीसिया हैं जो उद्धार के मामले में रिफोर्म्ड (सुधारवादी) समझ तथा कलीसियाई संरचना में बैप्टिस्ट सोच का पालन करती है। हम प्राचीनों द्वारा अगुवाई प्राप्त तथा मण्डली द्वारा संचालित कलीसिया हैं।

यदि आप प्रभु यीशु मसीह के बारे में और जानना चाहते हैं, या फिर लखनऊ में से होकर जा रहे हैं, या फिर एक ऐसी कलीसिया की खोज मे हैं जो कि विश्वासयोग्य और बाइबल पर आधारित होने का प्रयास कर रही है, तो आप हमारी संगति में आने के लिए आमन्त्रित हैं।

आप कैसे सम्मिलित हो सकते हैं?

आर्थिक सहयोग के द्वारा